नंइ, किछु नंई । कहां किछु ? कत्तौ किछु होइत होइ से कहाँ बुझना जाइत अछि । सब किछु
चर्वित-च्रर्वण सन लगैत अछि । ककरा कहबै...के पतियैत....अहांक हाथ साहित्य रचैत-रचैत पं.गोविंद झाक हाथ
कियैक ने बनल जाइत हो....जत'पद...पाइ...आ प्रतिष्ठा के सवाल हेतै त' वैह....विभुती नारायण सिंह सनक
लोक भैंस चांस्लरो (वाइस चांसलर )बनल रहत--- भले सब महिला लेखिका के खुले आम " छिनारि" कियै ने कहथुन
हमरा त'इहो आश्चर्य होइये जे "सिंह साहेब" अपन लेखिका पत्नी के की बुझै छथिन...वैह...छिनारि ?
इम्हर अल्पसंख्यक (कियैक मुसलमान कहियै !) वोटक राजनीति मे बंग्ला लेखिका तस्लीमा नसरीन के पूबक प्रसिध्ध देश
'भारत दैट इज इंडिया' सब धर्म निरपेक्षता घोसडि गेल सन लगैत अछि । कारण मात्र एकटा--आधुनिक शिक्षा मे पढल-
गुनल लोक कोनो धर्मक संकीर्णताक विरोध त' करबे करतै ? इस्लामी कट्टरपंथी के की चाही । तस्लीमा नंइ, डा.तस्लीमा
दर-दर के ठोकर खा रहल छथि, आ बुध्धिजीवी, खासक' बंगालक ओ जुझारू बुध्धिजीवि ब्राजीलक मुद्दा त' उठा सकैत
छथि...एत' त' मामले दोसर छै । धुर मर्दे! अहू सबमे क्यो पडय ? नंदीग्राम की पूरा जंगळ महाल मे की भ' रहल छैक क्यो कहिसकै अछि ? ममता, बुध्धदेब,की के ? तैं किछु नंइ...कहां किछु !
सोमवार, 9 अगस्त 2010
मंगलवार, 6 जुलाई 2010
आऊ, पाकिस्तान-पाकिस्तान खेलाइ !
शीर्षक उकडू लगैत अछि ने ! मुदा जँ झूठ बजै मे महारथी बनबाक होअय,तकर ट्रेनिंग पाकिस्तान
जेहन द' सकैत अछि से हिटलरक प्रसिध्ध प्रसार मंत्री गोएबल्सो ने द' सकै छला ,ओहो लजा जैतथि । सब जनै छै जे जमात-उ-दावा लश्करक मुखडा छियै, जकरा सब साल पाकिस्तान सरकार लाखों नंइ करोडों टाका दैछै । ई संस्था नाम कर्म क' क' पछिला बीसो साल स'ओ अमेरिका आ भारत मे अनवरत आतंकवादी पठ्बैत रहल अछि। खाइ लए नंइ छैक; तेन किम ? अणु बम बनबैक
क्षमता छैक, चीन आ कोरियाक कृपा स' अणु बमक नीक भंडार छैक । भारतक कोनो शहरके मारि सकै बला मिसाइल । एतबे
नंइ ओकरा चलेबाक दुस्साहसो छैक...भलें तकर बाद देश जर्मनी जेकां मलबा कियैक ने बनि जाय । पाकिस्तान मे भारतो स' सस्ता मनुख्खक मोल छैक । अपने आत्म्घाती दस्ता बनेबाक बाकायदा ट्रेनिंग दियेलकै, आब वैह सब अपनो देश मे दोसर विचार धाराक लोक के मारै छै त' कोन बेजाय करै छै ? आब मियाँक जूती--मियेंक सर !
जेहन द' सकैत अछि से हिटलरक प्रसिध्ध प्रसार मंत्री गोएबल्सो ने द' सकै छला ,ओहो लजा जैतथि । सब जनै छै जे जमात-उ-दावा लश्करक मुखडा छियै, जकरा सब साल पाकिस्तान सरकार लाखों नंइ करोडों टाका दैछै । ई संस्था नाम कर्म क' क' पछिला बीसो साल स'ओ अमेरिका आ भारत मे अनवरत आतंकवादी पठ्बैत रहल अछि। खाइ लए नंइ छैक; तेन किम ? अणु बम बनबैक
क्षमता छैक, चीन आ कोरियाक कृपा स' अणु बमक नीक भंडार छैक । भारतक कोनो शहरके मारि सकै बला मिसाइल । एतबे
नंइ ओकरा चलेबाक दुस्साहसो छैक...भलें तकर बाद देश जर्मनी जेकां मलबा कियैक ने बनि जाय । पाकिस्तान मे भारतो स' सस्ता मनुख्खक मोल छैक । अपने आत्म्घाती दस्ता बनेबाक बाकायदा ट्रेनिंग दियेलकै, आब वैह सब अपनो देश मे दोसर विचार धाराक लोक के मारै छै त' कोन बेजाय करै छै ? आब मियाँक जूती--मियेंक सर !
बुधवार, 26 मई 2010
बुधवार, 19 मई 2010
किछु अकारण नंइ !
किछु नंइ-- दुनियाँक कोनो काज अकारण नंइ! ने बिना कारणे टिटही बजै छै आ ने बैदजीकघोडे
चलै छनि । अहि युग मे दर्शनक आन जे कोनो पक्ष स्पष्ट नंइ हुए, मुदा 'कार्य्-कारण सिध्धांत' धरि एक दम स्पष्ट छैक इस हाथ ले, उस हाथ दे ! बड़-बड जनके भांसल जाइत देखने छियनि। हामर माथ मे माया चक्कर काटि रहल अछि। मनुषयक बनाओल पैसा, हमरा सबहक मनःस्थिति के कोना प्रभावित करैछ ? ओकरा में कोन गुण छैक ? यैह ने जे ओ किछु सुविधाकीन सकैत अछि...ओहो सब नंइ, मात्र किछु ? देख' हौ महादेव, तखन कियैक भरि जीवन ओकर तावेदारी ? पाइ रहने अहाँ ओकर भोग क' लेब तकरो कोनो गारंटी नंइ...घर बना क' रहि लेब; सेहो जँ लिखल हैत,तखनंहि । सेहो हैत सब किछु समये पाबि क'ने यौ ? तैं बेसी रौह बचवा जेकाँ तडफडाबी नंइबेसी।...अधिक लोभ बगुलबे किन्हा,छन मे प्राण स्ररग चल गिन्हा।' हेबाक पूर्ण संभावना! तैं ओतबे खाइ जे जुरय,रुचे आ पचे । अपन अहि सब
सिध्धांत सब पर चलि क'हम कहियो पाछतायल होइ एहन बात नंइ । हमरा जनैत सब के सांसारिकता निमाहैक सेहो किछु
सिध्धांत होइ छैक किंबा हेबाक चाही...आ कि नंइ ?
चलै छनि । अहि युग मे दर्शनक आन जे कोनो पक्ष स्पष्ट नंइ हुए, मुदा 'कार्य्-कारण सिध्धांत' धरि एक दम स्पष्ट छैक इस हाथ ले, उस हाथ दे ! बड़-बड जनके भांसल जाइत देखने छियनि। हामर माथ मे माया चक्कर काटि रहल अछि। मनुषयक बनाओल पैसा, हमरा सबहक मनःस्थिति के कोना प्रभावित करैछ ? ओकरा में कोन गुण छैक ? यैह ने जे ओ किछु सुविधाकीन सकैत अछि...ओहो सब नंइ, मात्र किछु ? देख' हौ महादेव, तखन कियैक भरि जीवन ओकर तावेदारी ? पाइ रहने अहाँ ओकर भोग क' लेब तकरो कोनो गारंटी नंइ...घर बना क' रहि लेब; सेहो जँ लिखल हैत,तखनंहि । सेहो हैत सब किछु समये पाबि क'ने यौ ? तैं बेसी रौह बचवा जेकाँ तडफडाबी नंइबेसी।...अधिक लोभ बगुलबे किन्हा,छन मे प्राण स्ररग चल गिन्हा।' हेबाक पूर्ण संभावना! तैं ओतबे खाइ जे जुरय,रुचे आ पचे । अपन अहि सब
सिध्धांत सब पर चलि क'हम कहियो पाछतायल होइ एहन बात नंइ । हमरा जनैत सब के सांसारिकता निमाहैक सेहो किछु
सिध्धांत होइ छैक किंबा हेबाक चाही...आ कि नंइ ?
रविवार, 9 मई 2010
ह्मरअपराध,हुनक नहि दोष !
हमर ब्लौग पढै बला सब ब्लौगबंधु ! ह्म अनुपस्थित छ्लंहु तै मे हमर दोष रहै, ई
कह्ब ह्मर संगे अत्याचार हैत । हम मन मसोसि क’ अपन देश भक्ति आ देश प्रेमक गला मोंकै मे लागल रही । सत्य ज’ पूछी त’ कंप्यूटर किनलाक डेढ बर्खक बाद हम बी.एस.एन.एल.क डाटा कार्ड लेने रही जे कोनो ‘मोदी,तोदी, बाटा ,टाटा के पाइ देबा स’नीक सरकारी बी.एस.एन.एल.के पाइ दियै । मुदा दू साल स’ ई हाथीक दांत बनि
गेल छल । पछिला दिन ओकरा स’ फारकती पायल । आब कने सुस्ते शी, कनेक्शन त’ रहये ! ई बिहारे नंइ पूरा देश मे, सबतरि काज करत। ई अपना आप मे बहुत सुख
पहुंचबैला तथ्य अछि । कत’ सुदूर देहातक, कोसिकन्हाक नौह्ट्टा आ ओत’ इंटरनेट ? की आश्चर्यो ? अर्धंग डाक्तर (स्व.डाक्टर अर्धेंदु शेखर घोष) किंबा डा. मकुर्जी (मुखर्जी) कि अपन सुपति नाथ घोष स’ ज’ पुछितियनि त’ यैह कहितथि....” उरे बाबा ! की आश्चर्यो ? लेकिन यथार्थ मे स्थिति यैह छै । मोबाइल, इंटरनेट स’ दूरी जत्ते घटलैक अछि, मोनक, स्नेह्क ओतबे कमी, आपकताक त’ सर्वथा लोपे भ’ गेलैक अछि। सबहक मूल्यांकन ओकर गुण अवगुण स’ नहि, ओ कोना येनकेन प्रकारेण,
अहांक काज क’ सकैत अछि, अहि पर निर्भर छैका
कह्ब ह्मर संगे अत्याचार हैत । हम मन मसोसि क’ अपन देश भक्ति आ देश प्रेमक गला मोंकै मे लागल रही । सत्य ज’ पूछी त’ कंप्यूटर किनलाक डेढ बर्खक बाद हम बी.एस.एन.एल.क डाटा कार्ड लेने रही जे कोनो ‘मोदी,तोदी, बाटा ,टाटा के पाइ देबा स’नीक सरकारी बी.एस.एन.एल.के पाइ दियै । मुदा दू साल स’ ई हाथीक दांत बनि
गेल छल । पछिला दिन ओकरा स’ फारकती पायल । आब कने सुस्ते शी, कनेक्शन त’ रहये ! ई बिहारे नंइ पूरा देश मे, सबतरि काज करत। ई अपना आप मे बहुत सुख
पहुंचबैला तथ्य अछि । कत’ सुदूर देहातक, कोसिकन्हाक नौह्ट्टा आ ओत’ इंटरनेट ? की आश्चर्यो ? अर्धंग डाक्तर (स्व.डाक्टर अर्धेंदु शेखर घोष) किंबा डा. मकुर्जी (मुखर्जी) कि अपन सुपति नाथ घोष स’ ज’ पुछितियनि त’ यैह कहितथि....” उरे बाबा ! की आश्चर्यो ? लेकिन यथार्थ मे स्थिति यैह छै । मोबाइल, इंटरनेट स’ दूरी जत्ते घटलैक अछि, मोनक, स्नेह्क ओतबे कमी, आपकताक त’ सर्वथा लोपे भ’ गेलैक अछि। सबहक मूल्यांकन ओकर गुण अवगुण स’ नहि, ओ कोना येनकेन प्रकारेण,
अहांक काज क’ सकैत अछि, अहि पर निर्भर छैका
सोमवार, 15 मार्च 2010
ओस्तादी खिस्सा
सिंधियाक दरबार स' एना अपमानित भ' क'बाहर कैल गेलाक बाद उस्ताद हाफिज़ अली खाँ एक टा खिस्सा कहलखिन__" कोनो राजाक राज मे एक टा बाप_बेटा भिश्ती(पानि पट्बै बला)रहै छल जेकरा पारा स' सोना बनबैक लूरि अबै छलै। बाप के कतबो राजाक पुलिस मारलकै_पिटलकै नंहिये गछलकै जे ओकरा ईलूरि छै। मुदा बेटा राजाक प्रलोभन मे आबि जे आधा_छिधा लूरि छलै राजा के सिखा देलकै। ई सूनि ओकर बाप बड्ड दुखी भेलै जे अदौ स' परिवारक गुप्त बात के ओकर बेटा राजा के कहि देलकै। क्रोध मे आबि ओ भिश्ती अपन बेटा के तरुआरि स'काटि देलकै। राजाक सिपाही ओकरा पकडि लेल्कै, ओकरा पर बेटाक हत्याक मोकदमा चललै आ ओकरा मृत्यु दंड भेटलै। आब काल्हि ओकरा फांसी पडितै त' राति मे एक गोटा एकर काल कोठली मे एलै आ बड सेवा केलकै। पैर_हाथ_माथ मे तेल__कूड लगा क' कहलकै जे आब काल्हि त' ओकरा फांसी हेबे करतै, तैं सोन बनबैक कला ओकरा बता दै। भिश्ती, बिना कोनो बहाना के आदि स' अंत तक
सोना बनेबाक तरीका बता देलकै। दोसर दिन राजा दरबार मे भिश्ती स' पुछलकै अहां हमरा राति चिन्हलंहु नंइ ? राति त' अहां सब बता देलंहु ?" भिश्ती जबाब देलकै जे राति अहां राजा नंइ छात्र जेकां विनम्र रही तैं बता देलंहु। कोनो शिक्षा बिना विनम्र बनने न
ंहि भेटि सकैत अछि।"
सोना बनेबाक तरीका बता देलकै। दोसर दिन राजा दरबार मे भिश्ती स' पुछलकै अहां हमरा राति चिन्हलंहु नंइ ? राति त' अहां सब बता देलंहु ?" भिश्ती जबाब देलकै जे राति अहां राजा नंइ छात्र जेकां विनम्र रही तैं बता देलंहु। कोनो शिक्षा बिना विनम्र बनने न
ंहि भेटि सकैत अछि।"
गुरुवार, 11 मार्च 2010
जीबी त' की की ने देखी
14 साल तक झगडा आ रगडा मे पडल रहलाक बादो महिला लए 33 प्रतिशतक आरक्षण...माने लगभग साढे चारि सौ सदस्यक लोक सभा मे सौ_डेढ सौ पुरुख_बांकी सब टा " मम्मी प्रधान मंत्री त' दीदी रेलमंत्री रहतै ? एक दू पीढी तक
त' "मुखिया_पति" जेकां नेपथ्य मे पुरुखे रहतै। मुदा तेना साइकिल आ ड्रेस बंटवारा, मंझनी त' दस हज़ारक पुरस्कार बंटा रहल छैक्__तैं स्कूल आब बच्चा
नंहि छोडै छैक। शहरी छौंडीक मोकाबलामे देहातक लडकी सब बेसी सचढ, बेसी पढाक सब निकललैये। तैं बेसी दिन तक मुखिया_पतिक बोलबाला नहि रहैबाला छै। अबै बला बिहारी कि हिन्दुस्तानी लडकी सब कथुक भार अपन हाथ मे लै लए जा रहल छै। अपन कि गांव समाजक के कहे...देशक भार सम्हारै लए खोपा आ आंचर बान्हि रहल छैक। आकाशवाणीक चाकरी मे वर्षों हम महिला अधिकारीक अधीनस्थ काज केने छी। शायदे संजोगे क्यो एहन महिला अधिकारी भेटल जकर निर्णय खराब लागल हुए। आ कोनो संकट मे...? मैडम सबहक हाथ मे सत्ता रहने अहां बहुत चैन स' नौकरी क' सकै छी। काज मे फांकी, काज स' फरार रहब, काज नहिं करब...अड्डा बाजी... राजनीति आदि कैक टा लफडा__टंटा स' अनेरे अहां आ अहांक औफिस बांचल रहत । तैं 33 प्रतिशत महिला आरक्षण स' हमरा बड आशा अछि। हमरा महिलाक अधीनता सदिखन अधिक ह्यूमेन लागल अछि।
त' "मुखिया_पति" जेकां नेपथ्य मे पुरुखे रहतै। मुदा तेना साइकिल आ ड्रेस बंटवारा, मंझनी त' दस हज़ारक पुरस्कार बंटा रहल छैक्__तैं स्कूल आब बच्चा
नंहि छोडै छैक। शहरी छौंडीक मोकाबलामे देहातक लडकी सब बेसी सचढ, बेसी पढाक सब निकललैये। तैं बेसी दिन तक मुखिया_पतिक बोलबाला नहि रहैबाला छै। अबै बला बिहारी कि हिन्दुस्तानी लडकी सब कथुक भार अपन हाथ मे लै लए जा रहल छै। अपन कि गांव समाजक के कहे...देशक भार सम्हारै लए खोपा आ आंचर बान्हि रहल छैक। आकाशवाणीक चाकरी मे वर्षों हम महिला अधिकारीक अधीनस्थ काज केने छी। शायदे संजोगे क्यो एहन महिला अधिकारी भेटल जकर निर्णय खराब लागल हुए। आ कोनो संकट मे...? मैडम सबहक हाथ मे सत्ता रहने अहां बहुत चैन स' नौकरी क' सकै छी। काज मे फांकी, काज स' फरार रहब, काज नहिं करब...अड्डा बाजी... राजनीति आदि कैक टा लफडा__टंटा स' अनेरे अहां आ अहांक औफिस बांचल रहत । तैं 33 प्रतिशत महिला आरक्षण स' हमरा बड आशा अछि। हमरा महिलाक अधीनता सदिखन अधिक ह्यूमेन लागल अछि।
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